उत्तराखंड में जून में भीषण प्राकृतिक आपदा की वजह से मची तबाही के बाद
केदारनाथ मंदिर में पसरा सन्नाटा बुधवार सुबह मंत्रोच्चार के साथ ही खत्म
हो गया जब केदार घाटी में 400 से अधिक लोगों को मौत की नींद सुलाने वाली
बाढ़ की विभीषिका के 86 दिन बाद इस हिमालयी तीर्थ में प्रार्थना और पूजा
हुई।
पौ फटने के कुछ देर बाद घड़ी की सुइयों ने जैसे ही सात बजने का संकेत दिया, छठीं सदी के इस मंदिर के प्रधान पुजारी रावल भीम शंकर लिंग शिवाचार्य ने मंदिर के पट खोले और पूजा करने के लिए गर्भगृह में प्रवेश किया। पूजा और प्रार्थना बुधवार ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ के अवसर पर शुरू की गई जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा अपने कुछ मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ की पूजा में शामिल होने वाले थे लेकिन खराब मौसम की वजह से वह देहरादून से नहीं आ सके। आगे पढ़ें...
Source : Janoduniya.tv
Tags : केदारनाथ, केदारनाथ की तबाही, केदारनाथ समाचार, केदारनाथ में बाढ़
पौ फटने के कुछ देर बाद घड़ी की सुइयों ने जैसे ही सात बजने का संकेत दिया, छठीं सदी के इस मंदिर के प्रधान पुजारी रावल भीम शंकर लिंग शिवाचार्य ने मंदिर के पट खोले और पूजा करने के लिए गर्भगृह में प्रवेश किया। पूजा और प्रार्थना बुधवार ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ के अवसर पर शुरू की गई जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा अपने कुछ मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ की पूजा में शामिल होने वाले थे लेकिन खराब मौसम की वजह से वह देहरादून से नहीं आ सके। आगे पढ़ें...
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