गौतमबुद्ध नगर की एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन मामले ने सियासी रंग ले लिया है। निलंबन के बाद से ही निशाने पर रही उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार की मुश्किले उन्हीं की पार्टी के एक नेता ने बढ़ा दी है। समाजवादी पार्टी के नेता और यूपी एग्रो के चेयरमैन नरेंद्र भाटी ने दावा किया है कि उन्होंने ही दुर्गा को सस्पेंड करवाया था।
भाटी ने दावा किया कि उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बात करके 41 मिनट में दुर्गा शक्ति को सस्पेंड करवा दिया था। भाटी ने एक जनसभा में कहा, ‘मैंने माननीय मुख्यमंत्री जी से बात की। 10.30 बजे माननीय अखिलेश जी से बात की और 11 बजकर 11 मिनट पर एसडीएम का सस्पेंशन ऑर्डर यहां कलेक्टर के पास रिसीव हो गया। ये है लोकतंत्र की ताकत। मैं यही आप लोगों को बताने आया हूं कि जिस औरत ने इतनी बेहूदगी दिखाई वह उस डंडे को 40 मिनट नहीं झेल पाई।
सिर्फ 41 मिनट में सस्पेंशन का ऑर्डर लखनऊ से पास होकर यहां तामील हो गया।’ बताया जाता है कि नरेंद्र भाटी ने ही विवादित मस्जिद का शिलान्यास किया था। हालांकि भाटी ने इससे इनकार किया और कहा कि उन्होंने सिर्फ लोगों को सहयोग के लिए 51 हजार रुपए दिए थे। यह बात भी सामने आ रही है कि कादलपुर गांव में मस्जिद की जिस दीवार को गिरवाने को दुर्गा शक्ति के निलंबन का आधार बनाया गया है, उसे तो ग्रामीणों ने खुद ही गिराया था।
डीएम के. रविकांत सिंह ने यह बात उत्तर प्रदेश शासन को भेजी रिपोर्ट में कही है। कादलपुर गांव में खसरा नंबर 336 पर ग्राम समाज की जमीन पर लोग प्रशासन की अनुमति बिना मस्जिद की दीवार बना रहे थे। एसडीएम दुर्गा मौके पर पहुंचीं और निर्माण रुकवा दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि एसडीएम ने समझाया तो ग्रामीणों ने खुद ही दीवार गिरा दी। Read More...
Source : Janoduniya.tv
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