Friday, 30 August 2013

सत्‍याग्रह फिल्म समीक्षा

सत्‍याग्रह फिल्म समीक्षा


नक्‍सलवाद आधारित फिल्‍म ‘चक्रव्‍यूह’ के बाद निर्माता निर्देशक प्रकाश झा अब बड़े पर्दे पर बड़े सितारों के साथ भ्रष्‍टाचार के खिलाफ सत्‍याग्रह करने उतरे हैं।

फिल्‍म की कहानी देश में फैले भ्रष्‍टाचार को उजागर करती है, चलते चलते कहीं समाज में फैले लोभ को भी प्रदर्शित करती है। ऐसे विषय पर बनने वाली फिल्‍मों की आलोचना करना शायद समाज में परिवर्तन लाने की कोशिश करने वालों के रास्‍ते में रुकावट पैदा करना होगा।

फिल्‍म की कहानी एक ईमानदार रिटायर अध्यापक द्वारका आनंद (अमिताभ बच्चन) के जीवन में घटित होने वाली घटनाओं के ईदगिर्द घूमती है। द्वारका आनंद ऐसे व्यक्ति हैं जो देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराना चाहते है। वे सैद्धांतिक लड़ाई लड़ना जानते हैं। द्वारका आनंद की तरह उनका बेटा भी ईमानदार इंजीनियर है। उनके बेटे का दोस्‍त मानव राघवेंद्र (अजय देवगन) दिल्ली में अपना व्यापार चलाता है Read More...

Source : Janoduniya.tv

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